Second Day Of Maa ChandraGhanta : 24 September 2025
About Maa ChandraGhanta
माँ चंद्रघंटा नवरात्रि की नौ देवीयों में से तीसरी देवी हैं। उन्हें उनके नाम के अनुसार “चंद्रघंटा” कहा जाता है, क्योंकि उनके गले में चाँद की आकार जैसी घंटी लगी होती है। माँ चंद्रघंटा को शक्ति, साहस और वीरता का प्रतीक माना जाता है। वे अपने भक्तों पर संकट और भय को दूर करने वाली हैंमाँ चंद्रघंटा के चित्र में उन्हें सशस्त्र, दस हाथों वाली और कमल पर विराजमान दिखाया जाता है। उनके हाथों में तलवार, गदा, त्रिशूल, कमल और अन्य हथियार होते हैं। उनका वाहन सिंह है, जो शक्ति और साहस का प्रतीक है।नवरात्रि में माँ चंद्रघंटा की पूजा विशेष रूप से वीरता, साहस और मन की दृढ़ता प्राप्त करने के लिए की जाती है। उनके ध्यान और भजन से भय, आतंक और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, और मनोबल व आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
