Second Day Of Brahmcharini: 23 September 2025
About Maa Brahmcharini
मां ब्रह्मचारिणी
नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी रूप की पूजा-अर्चना की जाती है। यह स्वरूप साधना, तपस्या और संयम का प्रतीक है। “ब्रह्म” का अर्थ है – तपस्या और “चारिणी” का अर्थ है – आचरण करने वाली। मां ब्रह्मचारिणी हाथों में जपमाला और कमंडल धारण करती हैं और उनके तेजस्वी स्वरूप से ज्ञान, भक्ति और वैराग्य की ऊर्जा प्रस्फुटित होती है। मान्यता है कि कठोर तपस्या कर उन्होंने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया। मां ब्रह्मचारिणी की उपासना से साधक को आत्मसंयम, धैर्य और अटल संकल्प की शक्ति प्राप्त होती है। इनकी कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।
